कोच्चि शिपयार्ड धमाके पर केंद्र ने लिया संज्ञान, मांगी जांच रिपोर्ट

खबरें अभी तक। केरल के कोच्चि में हुए शिपयार्ड धमाके पर केंद्र ने संज्ञान लिया है। केंद्र ने आज मामले से संबंधित जांच रिपोर्ट की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र ने कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) में मरम्मत किए जा रहे ओएनजीसी ड्रिल शिप में हुए बम धमाके की जांच रिपोर्ट मांगी है जिसमें पांच लोगों की जान चली गई थी।

राज्य शिपिंग मंत्री पोन राधाकृष्णन ने धमाके के दूसरे दिन कोच्चि शिपयार्ड का दौरा कर हालात का जायजा लिया। मंत्री ने सीएसएल को मामले की पूरी जांच कर धमाके के कारणों का पता लगाकर तत्काल रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि धमाका हुआ था लेकिन शिप के अंदर आगजनी की कोई सूचना नहीं थी। कहा कि सीएसएल ने उच्च स्तरीय जांच की शुरुआत कर दी है। तकनीकि विशेषज्ञ हालात का जायजा ले रहे हैं.

उन्होंने कहा कि, पुलिस भी मामले की हर कदम पर पड़ताल कर रही है। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही धमाके के सही कारणों का पता लगाया जा सकता है। अस्पताल में भर्ती धमाके में घायल हुए लोगों से मुलाकात करने के बाद को उन्होंने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने घायलों के इलाज प्रक्रिया का भी जायजा लिया और उन्हें अपना पूरी मदद का आश्वासन भी दिया। सीएसएल की तरफ से मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिए जाने की मंत्री ने सराहना की।

बता दें कि धमाके के बाद सीएसएल ने अपने एक बयान में कहा था कि दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी जबकि 7 अन्य घायल हो गए थे। इसके अलावा कंपनी ने घटनास्थल पर बिना देरी के बचाव अभियान भी चलाए थे जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने धमाके में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कोचिन शिपयार्ड पर दुर्भाग्यपूर्ण धमाका… मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने आगे कहा कि, मैंने कोचिन शिपयार्ड के एमडी से पीड़ितों को सभी आवश्यक मेडिकल सपोर्ट देने का आग्रह किया है।

सीएसएल ने बताया था कि पोत ड्राय डॉक के मरम्मत के लिए 7 दिसंबर, 2017 को कोचीन शिपयार्ड पहुंचा था। 12 जनवरी 2018 को मरम्मत के लिए इसे भूमि पर लाया गया था इसके बाद 28 फरवरी, 2018 को अनडॉक किया गया था। 7 अप्रैल, 2018 तक कार्य समाप्त कर लिया जाना तय था.

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