अमित शाह के दौरे के लिए अद्र्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा, हेलीकाप्टर भी करेंगे गश्त

खबरें अभी तक। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के लिए अद्र्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल दिया है। हेलीकाप्टर व ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। शाह की मोटरसाइकिल की राह का बड़ा कांटा निकालने के बाद अब प्रदेश सरकार रास्ते के सियासी ब्रेकर हटाने में जुट गई है। विपक्ष के कई स्पीड ब्रेकर जहां अब भी शाह के जत्थे की राह में रोड़ा बने हैं, वहीं एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) का सामना करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

शाह के काफिले में शामिल होने जा रही करीब एक लाख बाइकों से संभावित प्रदूषण पर एनजीटी की निगाह है। कांग्रेस का एक गुट अलग से मोटरसाइकिलों से जींद में धमकने पर आमादा है तो वहीं कुछ महिलाएं भी इसी तैयारी में हैं। इन तमाम स्पीड ब्रेकरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद रणनीति को अमलीजामा पहनाने में लगे हैं।

15 फरवरी को जींद में शाह की रैली और फिर 18 फरवरी को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बलिदान दिवस के चलते सरकार कानून व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाएगी। हालांकि दिल्ली में सरकार व समिति के बीच समझौते से सरकारी तंत्र को फिलहाल सुकून जरूर मिला है।

प्रशासन को उम्मीद है कि दोनों आयोजन शांति से निपट जाएंगे। तमाम मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता शाह की आवभगत के लिए जुट गए हैं। सीआइडी विंग विपक्षी दलों के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखे है। इनेलो, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अमित शाह के विरोध का ऐलान कर रखा है। जाटों द्वारा आंदोलन वापस लिए जाने के बावजूद सियासी दलों ने साफ किया कि हरियाणा में शाह का विरोध किया जाएगा।

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