एक बार फिर कर्ज लेगी हिमाचल सरकार, डेढ़ महीने में 1 हजार करोड़ लोन लिया

खबरें अभी तक। कांग्रेस कार्यकाल में सरकार को घेरने वाली भाजपा सरकार एक बार फिर से कर्ज लेने जा रही है. हिमाचल सरकार एक और कर्ज लेने जा रही है. डेढ़ महीने में यह दूसरी मर्तबा होगा कि सरकार 500 करोड़ कर्ज लेगी. बुधवार को 500 करोड़ रूपये कर्ज आरबीआई के जरिए लिया जाएगा. कर्ज की राशि बुधवार को प्रदेश सरकार के खाते में आ जाएगी. लेकिन कर्ज पर सियासत भी गर्मा गई है.

पिछली सरकार ने 46500 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा है : सरकार

जयराम सरकार एक बार फिर कर्ज को लेकर चर्चा में है. सत्ता संभालते ही सीएम जयराम ठाकुर ने एक बात कही थी कि प्रदेश में पिछली सरकार 46500 करोड़ रुपये का कर्ज का बोझ छोड़ा है. प्रदेश का वित्तीय संकट सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. लेकिन कर्ज लेने की रिवायत टूटने वाली नहीं है.

जयराम सरकार 10 वर्ष के लिए आरबीआई से 500 करोड़ का कर्ज ले रही है. आरबीआई से प्रदेश की 10 साल के स्टॉक सिक्योरिटीज के एवज में कर्ज लिया जा रहा है. इसे 14 फरवरी 2028 में लौटाना होगा. जयराम सरकार डेढ़ महीने के कार्यकाल में दूसरी बार कर्ज ले रही है. इससे पहले, जनवरी में भी जयराम सरकार ने 500 करोड़ का कर्ज लिया था.

औरो को नसीहत खुद मियां फजीहत : कांग्रेस

जयराम सरकार के कर्ज लेने पर अब सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने शायराना अंदाज पर जयराम सरकार पर तंज कसा है. मुकेश ने कहा, ‘औरो को नसीहत, खुद मियां फजीहत, बोलो वो, जो खुद न करना हो.’ मुकेश अग्निहोत्री का यह तंज इसलिए है, क्योंकि जयराम ठाकुर बार-बार पिछली सरकार पर कर्ज का बोझ छोड़कर जाने का आरोप मढ़ते आए हैं.

अब कांग्रेस ने भी पलटवार किया है. कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हम हमने सत्ता संभाली थी, तब बीजेपी सरकार 25 से 30 हजार करोड़ का कर्ज छोड़कर गई थी. लेकिन हमने विकास पर ध्यान दिया और पांच साल तक वित्तीय स्थिति खराब होने का राग नहीं अलापा. मुकेश ने आगे कहा कि सरकार ने दो महीने के भीत्तर ही 1 हजार करोड़ कर्ज ले लिया है. सरकार ने बड़े पैमाने पर कर्ज लेने की शुरूआत कर दी है. सीएम और उनके सहयोगी दिल्ली जाते हैं, लेकिन दिल्ली में इन्हें कोई तवज्जों नहीं मिलती.

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