GST से हो सकती है हर महीने 1 लाख करोड़ रुपए की कमाई, लेकिन कर चोरी पर लगाम जरूरी

खबरें अभी तक। अगले वित्त वर्ष के अंत तक वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) का संग्रह 1 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक कर चोरी पर नियंत्रण करने वाली व्यवस्थाओं (ई-वे बिल, टैक्स आंकड़ों का मिलान) के सही से लागू हो जाने के बाद जीएसटी का कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए प्रति माह तक पहुंच सकता है।

उन्होंने बताया कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया पूरी तरह से स्थायी हो जाने के बाद डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ एनालिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट (डीजीएआरएम) पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे और सभी करदाताओं की प्रोफाइलिंग करेंगे। जिससे सभी करदाताओं के जीएसटी और आयकर रिटर्न के डेटाबेस का मिलान किया जाएगा।

सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में जीएसटी से कुल 7.44 लाख करोड़ रुपए के कलेक्शन का लक्ष्य रखा है। मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें तो जुलाई से फरवरी तक आठ महीनों में करीब 4.44 लाख करोड़ रुपए का कर संग्रह हुा है। मौजूदा वित्त वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च के आंकड़े अगले वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल में आएंगे।

अधिकारी के मुताबिक सरकार ने अगले वर्ष के लिए जीएसटी कल्केशन का लक्ष्य कम आंक कर रखा है। सरकार की ओर से कर चोरी पर सख्ती के बाद इसमे बढ़ोतरी हो सकती है। गौरतलब है कि जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद पहले महीने में 95000 करोड़ का संग्रह हुआ। वहीं अगस्त में यह आंकड़ा 91000 करोड़, सितंबर में 92150 करोड़, अक्टूबर में 83000 करोड़, नवंबर में 80808 करोड़ और दिसंबर में 86703 करोड़ रुपए रहा। दिसंबर 2017 तक कुल 98 लाख व्यापारियों ने जीएसटी के अंतर्गत रजिस्टर हुए हैं।

वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि जल्द ही व्यापारियों की ओर से जीएसटी रिटर्न में दिखाए गए टर्नओवर को उनके आयकर रिटर्न से मिलान किया जाएगा। यह अगले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सबके के बाद जीएसटी रेवेन्यु के हर महीने औसतन 1 लाख करोड़ रुपए न होने पाने की ओर वजह नजर नहीं आती।

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