खूफिया विभाग ने अमित शाह को दी रैली न करने की सलाह, ये है कारण

खबरें अभी तक। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह  हरियाणा के जींद में 11 फरवरी को रैली करने जा रहे है. खूफिया विभाग के अनुसार शाह की इस रैली से टकराव की स्थिति बन रही है। जहां भाजपा इस रैली को सफल बनाने के लिए जमकर तैयारियां कर रही हैं। वहीं जाट समुदाय और इनेलो ने शाह के विरोध में पूरी रणनीति तैयार कर ली है। जिससे खुफिया एंजेंसियों को आशंका है कि इससे हरियाणा में एक बार फिर से हालात बिगड़ सकते हैं। जिसको लेकर उन्होंने सरकार को अमित शाह का दौरा टालने की सलाह दी है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

शाह की रैली को विफल करने के लिए विरोधियों ने बना ली है रणनीति

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मिशन 2019 के लिए 15 फरवरी को जींद में मोटरसाइकिल रैली करने वाले हैं। जिसमें करीब एक लाख मोटरसाइकिलों के जींद में पहुंचने को कहा गया है। जिसको लेकर भाजपा ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है।  हरियाणा सरकार ने सभी पुलिस व प्रशासनिक कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है.राज्य सरकार ने केंद्र से 150 अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां पहले ही मांग रखी है। वहीं दूसरी और जाट समुदाय और इनेलो ने भी शाह की रैली के विरोध में अपनी कमर कस ली है। जाटों ने भी ट्रैक्टर-ट्रालियों का रजिस्ट्रेशन करना शुरू कर दिया है। वहीं इनेलो भी काले झंडे अौर काले गुब्बारों से शाह का विरोध करेंगे। इतना ही नहीं जाट अपने पशुओं को लेकर भी शाह की रैली में पहुंचेंगे।

शाह की रैली को लेकर भाजपा को NGT का झटका

वहीं दूसरी अौर नेशनल ग्र्रीन ट्रिब्यूनल ने भी शाह की रैली में आ रहे लाखों मोटरसाइकिलों को लेकर सरकार को झटका दिया है। इस रैली को लेकर राष्ट्रीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने याचिका दायर की है। यह याचिका शाह की रैली में बाइक की संख्या को कम करने के लिए दी गई है। अमित शाह की रैली प्रदूषण के लिए खतरा हो सकती है इसलिए इसमें करीब 1 लाख बाइक ही शामिल हो सकती है। एनजीटी ने इस मामले को लेकर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। जिसके तहत हरियाणा सरकार से 13 फरवरी तक जवाब में हलफनामा देने को कहा गया है।

जाटों से किये जा रहे समझौते के प्रयास

केंद्रीय गृह सचिव माहौल को लेकर हरियाणा के गृह सचिव एसएस प्रसाद से लगातार फीडबैक ले रहे हैं। सरकारी स्तर पर जाट नेताओं से समझौते के प्रयास किए जा रहे हैैं। केंद्र सरकार ने हरियाणा को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। केंद्र ने हरियाणा की अर्द्ध सैनिक बलों की डेढ़ सौ कंपनियों की मांग को स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को हरियाणा के गृह सचिव एसएस प्रसाद ने दिल्ली जाकर समूचे प्रकरण पर केंद्रीय गृह सचिव समेत अन्य अधिकारियों के साथ मंथन किया।

 60 कम्पनियों की मांग को स्वीकारा

केंद्र ने हरियाणा की अर्द्धसैनिक बलों की 60 कम्पनियों की मांग को स्वीकार कर लिया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार को भरोसा दिलाया है कि 14 फरवरी की शाम तक अर्द्धसैनिक बल अपना मोर्चा संभाल लेंगे। केन्द्र ने हरियाणा की मांग को मौखिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा है कि अर्द्धसैनिक बलों की कुछ कम्पनियों को विकल्प के तौर पर भी रखा जाएगा, जिन्हें जरूरत के अनुसार तुरंत घटनास्थल पर भेजा जाएगा। इस काम के लिए हवाई मार्ग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। केन्द्र ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए हैैं कि संवेदनशील जिलों में बेहतर ट्रैक रिकार्ड वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। जिला पुलिस अर्द्धसैनिक बलों की मदद करेगी।

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